तुम मेरे नहीं हो फिर भी ना जाने क्यूँ दिल करता है, कि उन सबका मुंह तोड़ दूँ जिससे तुम बात करते हो

तुम मेरे नहीं हो फिर भी ना जाने क्यूँ दिल करता है, कि उन सबका मुंह तोड़ दूँ जिससे तुम बात करते हो

तुम मेरे नहीं हो फिर भी ना जाने क्यूँ दिल करता है, कि उन सबका मुंह तोड़ दूँ जिससे तुम बात करते हो