एक काम करना, थोड़ी सी मीट्टी लेना... उससे दो प्यारे से दोस्त बनाना, इक तुझ जैसा... एक मुझ जैसा... फिर उनको तोड़ देना, फिर मिट्टी को मिलाना, और उस मिट्टी से दोबारा दो दोस्त बनाना, इक तुझ जैसा... एक मुझ जैसा... ताकि तुझ में कुछ-कुछ मैं रह जाऊ, और मुझ में कुछ-कुछ तू रह जाये कुछ तुझ जैसा कुछ मुझ जैसा...